
आज के इस दौर मे हर युवा की तेज बाइक चलाना पसंद करता है, लेकिन यह कारनाम ढाई साल से भी कम उम्र का बच्चा कर दिखाये तो.. आप भी हैरत मे पड जायेगें। निश्चित ही आप सोच मे पड गये होगें लेकिन ना तो यह रोबोट है और ना ही कोई करिश्माई बच्चा। इन दिनो यह कारनामा रीवा का एक नन्हा बच्चा दिखा रहा है। इस नन्हे बच्चे के हॉथ ना केवल मोटर साइकल का हैडिल है बल्कि बाइक को कंड्रोल करने और गति बढाने घटाने का भी जिम्मा अनवार के कमजोर कंधों मे है। अनवार के पिता हाजी इम्तियाज फ्रक के साथ मोटर साइकल मे सवार है और बेटा हैडिल संभाल रहा है। अनवार के उम्र महज 2 साल 4 माह है और वजन 10 किलो से भी कम बावजूद इसके अनबार के पिता दस गुने वजन से भी अधिक की मोटर साइकल को बिना किसी झिझक के अनवार के हॉथो सौप रखे है। अनवार हर रोज 2-3 किलोमीटर मोटर साइकल से सफर तय करता है, भले ही भीड से भरी सडक क्यो ना हो। बेखौफ होकर पिता अनवार को गाडी चलाने की इजाजत दे देते है और लडखडाने पर सहारा। फिर क्या अनवार मनमाफिक 60-70 की तेज रफ्तार से गाडी चलाने से नही चूकता। अनवार को यह शौक पिछले तीन महीने पहते आया.. बाइक मे बैढने पर अकसर हैडिल पकडने की जिद किया करता था और अब यह शौक जुनून मे बदल गया, शुक्र है कि अव तक कोई अनहोनी नही हुई। अनवार बाइक की चाबी घुमाता है.. इम्तियाज किंक मरकर गियर में डाल देते है और फिर नन्हा बाइकर निकल पडता है वाहनो से भारी सडको में ना तो इसे कोई खौफ होता और ना ही कोई परेशानी.. इन कारनामो को देख अनवार की उम्र से कभी बडे बच्चे भी दॉतों तले उंगली दबाने लेते है। फिर बाइक मे रेस लगाना तो बहुत दूर है। करिश्मई इन कारनामो से भले ही अनवार के पिता और परिजन फक्र महसूस करते हो लेकिन यह कारनामे जोखिम से भरे है, जिस उम्र के बच्चो मे अपने आप को संभाल पाने की झमता नही होती उनके हॉथ मे वजन दार गाडी का हैडिल पकडा देना जोखिम का काम है। वर्तमान में जहॉ चेयरटी शो की होड मे हर कोई अपने बच्चो को कुछ ना कुछ बनाना चाहता है वही अनवार के पिता इन मासूम बच्चे को क्रिकेटर बनाना चाहते है वही इस जोखिम भरे कारनामो को भी करवाने से कोई इतेफाक नही रखते। बहरहाल पूत के पॉव पलने में ही नजर आते है लेकिन यहॉ तो सब उल्टा ही उल्टा है... पलने से दूर पिता पूत को जोखिम भरी बाइक मे घूमा कर आसमान मे तारे गिन रहे है।